मां की ममता का मान रखना..अपने परिवार के लिए शराब छोड़ना…ज्योति बाबा

कानपुर, 15 अक्टूबर शराब व अन्य नशे के चलते जिस उम्र में मां बाप की सेवा बेटे और बेटियों को करनी चाहिए,उस उम्र में नशेड़ी बेटे अपनी सेवा स्वयं अपने बुजुर्ग माता पिता से करा रहे हैं उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में कोरोना मिटाओ नशा हटाओ बेटी बचाओ अभियान के तहत दनादन मंदिर गौशाला चौराहा कानपुर में सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के तहत आयोजित वर्चुअल संगोष्ठी शीर्षक युवाओं के उज्जवल सपनों को मिटाती नशा प्रसार नीति पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही।

श्री ज्योति बाबा ने कहा की नशा छोड़ने हेतु न सरकारी और ना ही सामाजिक स्तर पर विशिष्ट नशा मुक्त केंद्र ना होने के चलते युवा पथभ्रष्ट हो कर समाज राष्ट्र विरोधी कार्यो में संलग्न हो चुका है,क्योंकि पहले अपनी जेब से नशा करता है और जब स्वयं का खत्म हो जाता है तो नए सेवन कर्ता पैदा कर अपने नशे की पूर्ति ड्रग पेडलर बनकर करने लगता है।

सरकार की नशा प्रसार नीति युवाओं को उस अंधी गलियों में ढकेल रही है जहां वह अपना इंटेलेक्चुअल सोशल और इमोशनल डेवलपमेंट पर फोकस करना बंद कर देते हैं।

श्री ज्योति बाबा ने कहा नई शिक्षा नीति मे राष्ट्रभाषा,कला और संस्कृति को बहुत प्रोत्साहित किया गया है लेकिन सरकार की नशा प्रसार नीति के कारण यह अपने उद्देश्यों को कैसे पूरा करेगी,क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।

जब उसके शरीर में शराब और पान मसाला अपना घर बना लेंगे तब वह कैसे राष्ट्रप्रेम व संस्कृत की रक्षा के लिए तत्पर हो पाएगा,इसीलिए नशा प्रसार नीति को देश के युवा धन को बचाने के लिए नहीं प्रतिबंधित कर सकते हैं तो कम से कम उच्च स्तर पर नियंत्रित अवश्य किया जाना चाहिए,वरना बलात्कार हिंसा के इतने बढ़ जाएंगे कि उनकी सुनवाई के लिए अलग थाने बनाने पड़ेंगे।

वर्चुअल संगोष्ठी का संचालन संजीव गुरु जी व धन्यवाद सुभाष त्रिपाठी एडवोकेट ने दिया।उससे पूर्व सभी अतिथियों को स्वागत माल्यार्पण अजय शर्मा एडवोकेट ने किया।अन्य प्रमुख सर्व श्री ओम नारायण त्रिपाठी,राकेश चौरसिया आलोक मल्होत्रा,स्वामी गीता इत्यादि थी।

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