प्रकृति के संरक्षण के लिए दुनिया में एक लाख करोड़ पेड़ लगाने की जरूरत…ज्योति बाबा

कानपुर, 28 जुलाई एक स्टडी के अनुसार प्रकृति का संरक्षण करने के लिए दुनिया भर में एक लाख करोड़ पेड़ लगाने की जरूरत है पेड़ केवल छाव और ऑक्सीजन ही नहीं देता बल्कि जीवन मे सर्वांगीण सुख प्रदान करता है पेड़ ना सिर्फ तापमान नियंत्रित करते हैं बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड कम करने के साथ हर साल 180 किलोग्राम ऑक्सीजन भी देते हैं उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया व राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के संयुक्त तत्वाधान में नशा हटाओ कोरोना मिटाओ प्रकृति बचाओ पेड़ लगाओ अभियान के तहत विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर आयोजित ई- संगोष्ठी शीर्षक प्रकृति संरक्षण में आम आदमी की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही,ज्योति बाबा ने आगे बताया कि ग्राउंड वाटर बढ़ाने में एक पेड़ 3500 लीटर पानी बरसा सकता है एक पेड़, 6% स्मॉग कम कर शुद्ध हवा द्वारा फेफड़ों को फिल्टर कर बचाने के साथ,शहरों में बाढ़ रोकना,सूखे की आशंका को कम करना,मिट्टी से जहरीले पदार्थों को सोखना,जैव विविधता बचाना इत्यादि बखूबी हमारे लिए करते हैं,ज्योति बाबा ने कहा कि बच्चों को प्रकृति संरक्षण की आदत डाल कर हम बेहतर तरीके से जैव विविधता को संरक्षित कर सकते हैं बच्चों का जन्मदिन,घर में किसी संस्कार दिवस,पर्व पर बच्चों के द्वारा पेड़ों को न सिर्फ रोपित करवाएं बल्कि संरक्षित करना भी सिखाए।राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी प्रदेश महिला अध्यक्ष नीतू शर्मा ने कहा कि जल जंगल और जमीन के बिना मानव जीवन अधूरा है लेकिन हम जानते हुए भी प्रकृति का दोहन खतरनाक स्तर तक कर रहे हैं प्रकृति प्रेमी गीता पाल व मंडल अध्यक्ष प्रीति सोनी ने कहा कि प्रकृति और वन्यजीव एक दूसरे के पर्याय हैं पूरक हैं यदि एक भी असंतुलित होगा तो प्रकृति का चक्र गड़बड़ा जाएगा याद रखें प्रकृत संरक्षित तो जीवन रक्षित।

राष्ट्रीय संरक्षक डॉ आर पी भसीन ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम निम्न उपायों से कर सकते हैं जैसे जंगलों को ना काटे,उपयोग किए गए पानी का चक्रीकरण करें,ध्वनि प्रदूषण को सीमित करें,प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें,जैविक खाद का प्रयोग करें और साइकिल इत्यादि चलाने के द्वारा बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।मारवाड़ी एसोसिएशन के सचिव प्रदीप केडिया ने कहा कि हम जितना कूड़ा कचरा साल भर में निकालते हैं उतने कूड़े कचरे के निस्तारण के लिए ढाई पृथ्वी के बराबर क्षेत्रफल चाहिए।अंत में प्रकृत को संरक्षित करने की ई-शपथ योग गुरु ज्योति बाबा ने दिलाई।संगोष्ठी का संचालन राष्ट्रीय समन्वयक हरदीप सिंह सहगल व धन्यवाद श्री नारायण मिश्र योगी ने दिया।अन्य प्रमुख दीपक सोनकर,यशस्वी बाजपेई,रोहित कुमार,अनिल सिंह चंदेल,निर्मला राठौर,दीप्ति अवस्थी,नीतू गुप्ता,हर्ष सोनी,विनीता सिंह,संगीता तिवारी,संगीता गुप्ता इत्यादि थी।

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