महात्मा गांधी की 150 वी जयंती पर्व बने हाथ से मैला ढोने की कुप्रथा का समापन वर्ष…ज्योति बाबा

कानपुर, 9 अप्रैल हाथ से मैला उठाने की कुप्रथा को हम आजादी के 75 वर्ष पर मनाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अमृत महोत्सव पर समाप्त कर सभ्य समाज को शर्मसार होने से बचाने के साथ महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनके आदर्शों को असली जामा पहनाने की सशक्त पहल भी कर सकते हैं उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया व उत्तर प्रदेश वैश्य व्यापारी महासभा के संयुक्त तत्वाधान में नशा हटाओ कोरोना मिटाओ मानवता बचाओ अभियान के तहत जरीब चौकी बाल्मीकि बस्ती में कोरोना गाइडलाइंस के तहत आयोजित ई-संगोष्ठी शीर्षक “क्या हाथ से मैला ढोने की प्रथा का अब भी जारी रहना सभ्य समाज पर कलंक नहीं है” पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरू ज्योति बाबा ने कही।

बाबा श्री ने आगे बताया की सेप्टिक टैंक में सफाई करते हुए पिछले 10 वर्षों में अकेले मुंबई नगर निगम के 2721 सफाई कर्मचारी मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं, और एक सरकारी रिपोर्ट कहती है कि बिना किसी सेफ्टी उपकरण के सफाई कार्य करने के चलते अधिकतर दिल,दमा डायबिटीज के रोगी बन जाते हैं।

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के सदस्य राज्य सलाहकार समिति उत्तर प्रदेश शासन रवि शंकर हवेलकर ने कहा कि महात्मा गांधी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने हाथ से मैला ढोने की प्रथा का उस समय भी जबरदस्त विरोध किया था,यह संविधान के अनुच्छेद 15,21,38 और 42 के प्रावधानों के खिलाफ है जबकि हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन और उनके पुनर्वास संबंधी अधिनियम 2013 के तहत बगैर पर्याप्त सुरक्षा उपायों के सीवर या सेप्टिक टैंक के अंदर जाने पर रोक है सेप्टिक टैंक की सफाई में 21 दिशा निर्देशों का पालन करना आवश्यक होता है जो कभी नहीं किया जाता,यह सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय है,जिसे हमारी सरकार खत्म करने के लिए ठोस उपाय कर रही है प्रदेश अध्यक्ष सत्य प्रकाश गुलहरे ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव का उत्सव तभी कारगर होगा जब इस वर्ष हाथ से मैला ढोने की कुप्रथा खत्म हो।

प्रदेश महामंत्री संगठन अनूप अग्रवाल ने कहा कि देश में तीन लाख से अधिक शौचालयों की सफाई हाथों द्वारा आज भी होती है एक अनुमान के मुताबिक लगभग आठ लाख भारतीय अपने सिर पर मैला ढोने का काम आज भी करते हैं।ई-संगोष्ठी का संचालन प्रदेश महामंत्री गणेश गुप्ता व धन्यवाद प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने दिया।अन्य भाग लेने वाले प्रमुख विक्रम सिंह, मनोज कृष्ण श्रीवास्तव,दिनेश कठेरिया,रामप्रसाद प्रधान,राजू खान,गिरीश कुमार,तारिक,मोहम्मद नासिर इत्यादि थे।

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