प्रतिदिन 7000 लोगों की मौत का कारण बनी तंबाखू…ज्योति बाबा

कानपुर,18 मई लांसेट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार तंबाकू के रोग द्वारा भारत में वायु प्रदूषण व उच्च रक्तचाप रोग से कहीं ज्यादा मौतें हो रही हैं कोरोना काल में सभी वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तंबाकू धूम्रपान और पान मसाले नशे से दूरी बनाकर कोरोना को जल्द हराने का दावा किया है लेकिन फिर भी तंबाकू पान मसाला व अन्य नशा को रोकने व झुकने वालों पर किसी प्रकार की कार्यवाही के लिए ठोस इच्छाशक्ति नहीं दिखाई दी,क्योंकि उनके पास इन कार्यों को जमीनी अंजाम देने के लिए कोई समर्पित टीम नहीं है इसीलिए कोरोना महामारी एक बड़े रूप में लौटने में तंबाकू पान मसाला धूम्रपान व नशा की बड़ी भूमिका दिखाई दी है उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व उत्तर प्रदेश वैश्य व्यापारी महासभा के सयुक्त तत्वाधान में नशा हटाओ कोरोना भगाओ बेटी बचाओ हरियाली लाओ अभियान के तहत आयोजित ई-संगोष्ठी शीर्षक क्या तंबाकू,वायु प्रदूषण व हमारी दिनचर्या हाइपरटेंशन रोग विस्तार में मुख्य कारण है पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही।

बाबा जी ने आगे बताया कि हाइपरटेंशन के कारण अकेले भारत में एक साल में चौदह लाख सत्तर हजार मरीजों की जान चली गई,जबकि कोरोना में 31 दिसंबर 2020 से अब तक केवल 2,70000 मरीजों की मृत्यु हुई है इस आधार पर कोरोना से बहुत बड़ा कातिल हाइपरटेंशन बनकर उभरा है यहां दस में से हर तीसरा भारतीय उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित है बाबा जी ने बताया कि न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित शोध से पता लगा है कि हर दिन के भोजन में 3 ग्राम नमक घटा दिया जाए तो हाइपरटेंशन के साथ हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी एक तिहाई रह जाएगा।

योग गुरु ज्योति बाबा ने बताया कि 44% लोग अत्यधिक तनाव से हाइपरटेंशन के रोगी हो जाते हैं 55% केस में गैर संक्रामक रोग होने के कारण पौष्टिक भोजन ना करना है 54.3% किडनी रोग से जुड़ी मौतों के लिए मौतों के लिए भी हाइपरटेंशन अहम कारण होता है 53.8% हृदय रोग से होने वाली मौतों के लिए उच्च रक्तचाप जिम्मेदार है 55.7% स्ट्रोक से होने वाली मौतों के लिए भी हाइपरटेंशन जिम्मेदार माना गया है राष्ट्रीय संरक्षक डॉ रविंद्र नाथ चौरसिया ने कहा कि हाइपरटेंशन तब होता है जब धमनियों पर रक्त का दबाव बढ़ता है रक्तचाप का रेंज 180/20 एम एम एस जी होता है सिर दर्द,नाक से खून आना,नींद ना आना,घबराहट इसके प्रमुख लक्षण हैं इसका असर मस्तिष्क हृदय्,फेफड़े और आंखों पर सीधा पड़ता है इसीलिए हम अपनी जीवन दिनचर्या को बेहतर बनाने के साथ नशे को जीवन से निकालने के साथ हरियाली पूर्ण वातावरण में प्रतिदिन योग,ध्यान व एक्सरसाइज के द्वारा बहुत हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।

डॉ.आर.पी भसीन ने जोर देकर कहा कि हमें अपनी संयुक्त परिवार परंपरा को पुनः जीवित करना ही होगा वरना रोगों के जाल में बचने से बचना ज्यादा कठिन है अंत में सभी को रविशंकर हवेलकर सदस्य प्रदेश सलाहकार समिति उत्तर प्रदेश शासन ने शुद्ध पर्यावरण रखने व नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई।संगोष्ठी का संचालन प्रदेश महामंत्री गणेश गुप्ता व धन्यवाद प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश गुलहरे ने दिया।अन्य प्रमुख अनूप अग्रवाल प्रदेश महामंत्री संगठन विमल माधव सोशल एक्टिविस्ट,गीता पाल मानवाधिकार वादी,अमित गुप्ता,रोहित कुमार इत्यादि थे।

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