दीपावली पर्व को सार्थक बनाने के लिए अपने सास-ससुर की सेवा का संकल्प ले…सविता मौर्या

लखनऊ, 14 नवंबर वरिष्ठ समाजसेविका श्रीमती शिवा मौर्या पत्नी कैबिनेट मिनिस्टर उत्तर प्रदेश स्वामी प्रसाद मौर्य ने महामाया एजुकेशन ट्रस्ट के द्वारा शिक्षा के दान को बढ़ाने का काम किया कैसे वे अपने सेवा के उद्देश्यों को छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर पूरे करती हैं और टीम में नई ऊर्जा बनी रहे उसके लिए वह नित्य नए मोटिवेशन प्रोग्राम का श्रजन करती है।

इन सब बातों व साक्षात कामों को देख कर उनकी पुत्रवधू के मन में यानी मेरे मन में सेवा की प्रेरणा प्राप्त हुई और मुझे इस काम हेतु उनका निरंतर आशीर्वाद प्राप्त होता रहता है इसीलिए मेरी सास श्रीमती शिवा मौर्या व ससुर वर्तमान कैबिनेट मिनिस्टर उत्तर प्रदेश स्वामी प्रसाद मौर्य जीवित भगवान है कहते हैं गांव में कहावत प्रचलित है कि पूत के पांव पालने में पर ही मालूम पड़ जाते हैं कुछ ऐसा ही अवंतीबाई होल्कर और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के साहित्य को पढ़कर प्रेरित रहने वाली श्रीमती सविता मौर्या ने गरीबों की सेवा को अपना धर्म बना लिया आपको बताते हैं कि उस अटूट निष्ठा से सेवा करने वाली सविता मौर्या को यह वास्तविक बल कहां से मिला एक दिन गांव में मेरे ससुर स्वामी प्रसाद मौर्य की अगुवाई में लगे अन्न दान के कार्यक्रम में बहुत सारे गरीबों की मदद करने के बाद सभी लोग वापसी की तैयारी कर रहे थे लेकिन ठीक उसी समय पांच गांवों से वृद्धजन आ गए और उनसे मदद की गुहार लगाई क्योंकि दूसरे दिन दीपावली थी और वृद्ध जनों को देने के लिए अब कुछ बचा नहीं था केवल ले देकर के पुत्रवधू सविता मौर्या के पर्स में दीपावली की सामग्री के लिए रुपए रखे थे।

एक बारगी सभी ने लगभग मना कर दिया हाथ जोड़ लिए लेकिन सविता मौर्या ने वृद्धों के चेहरे पर आते समय जो उल्लास देखा था वह मायूसी में बदलने लगा यह सब देख कर वह बहुत दुखी हुई और मन ही मन अपने को अपराधी सा महसूस करने लगी तभी उनके मन में बाबा साहब की वह बात कौध गई कि अपनी भूख चार रोटी की होने के बावजूद उसमें से दो रोटी का दान ही वास्तविक दान होता है।

बस बिना समय गवाएं मैंने अपने पर्स के रुपए निकालकर उन सभी वृद्धों में वितरित कर दिए यह सब देख कर मेरी कुछ सहयोगियों को नहीं भी अच्छा लगा लेकिन सबसे ज्यादा खुशी मैंने अपने अपनी सास महामाया एजुकेशन ट्रस्ट की डायरेक्टर श्रीमती शिवा मौर्य और ससुर वर्तमान कैबिनेट मिनिस्टर उत्तर प्रदेश श्री स्वामी प्रसाद मौर्य के चेहरे पर खुशी देखकर जो सुख शांति की अनुभूति व सेवा की प्रेरणा मुझे मिली वह शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकती और उन्होंने कहा मतलब अपने मन में कि आज से मेरे जीवन का मूलमंत्र सेवा के दीप हर दिन जलाऊंगी और अंधेरी कोठरीओं को रोशन करूंगी और आपने आज तक कई सौ सेवा कैंप गांव-गांव लगाकर वंचितों के टूटे सपनों में नई जान डालने का निरंतर काम कर रही हैं।

आप हमेशा यह याद रखती हैं कि यह जो कुछ भी मैं कर रही हूं उसके वास्तविक हकदार मेरे प्रेरणा स्रोत मेरे ससुर और सांस ही हैं उन्हीं को श्रेय जाता है अंत में श्रीमती सविता मौर्या ने सभी को बधाई देते हुए इस दीपावली पर कोरोना काल को देखते हुए सरकारी गाइडलाइंस का पालन करते हुए प्रेम और शांति से मनाने का देशवासियों से अनुरोध किया।दीपावली की खुशियों में शामिल प्रमुख समाजसेवी सर्व श्री कुलदीप पाल लीलाधर पाल विशाल पाल वैष्णवी पाल विक्रम पाल सोनी पाल दीपक पाल इत्यादि प्रमुख रूप से थे।

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