फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स के प्रचलन पर देश की बेटी कंगना के बोलते ही सफेदपोश हुए एकजुट…ज्योति बाबा

कानपुर, 12 सितंबर ड्रग्स का काला रिश्ता मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में बहुत पुराना है वह गुरुदत्त से शुरू होकर तमाम अभिनेत्रियों के साथ होते हुए संजय दत्त फरदीन खान दिव्या भारती समेत अनेकों नामों से होता हुआ आज रिया चक्रवर्ती व सुशांत सिंह राजपूत तक पहुंचते-पहुंचते बहुत काला व डरावना हो गया है।

जिससे यह भी पता चलता है कि इंडस्ट्री में नशे के अवैध व्यापार व सफेदपोश माफिया का रुपया कितनी गहराई से लगा है उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में कोरोना मिटाओ नशा हटाओ हरियाली बढ़ाओ अभियान के तहत आयोजित वर्चुअल संगोष्ठी शीर्षक ड्रग्स से सराबोर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री कारण और निवारण पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरू ज्योति बाबा ने कही।

श्री ज्योति बाबा ने आगे कहा कि देश की वीरांगना बेटी कंगना राणावत से ड्रग्स के सफेदपोश पर एक पत्थर क्या उछाला कि सारे ड्रग्स के काला कारोबारी एकजुट होकर उसको घेरकर उसे ही अपराधी सिद्ध करने में लग गए,जिस देश में नारी को पूजने की परंपरा के साथ सरकारे महिला सशक्तिकरण का बड़ा काम कर रही हैं।

वहीं पर नशे के अवैध प्रयोग व व्यापार पर बोलने वाली कंगना राणावत को हरामखोर नाटी तक कहा जा रहा है और तो और महाराष्ट्र सरकार भी ऐसे लोगों के साथ खड़े होकर महिला सशक्तिकरण के परखच्चे उड़ाने के साथ उसके ऑफिस तोड़ने के साथ उसके घर तोड़ने की बात की जा रही है।

श्री ज्योति बाबा ने हुंकार भरते हुए कहा कि देशभक्त बेटी के स्वाभिमान और सम्मान के साथ उनके द्वारा शुरू की गई ड्रग्स मुक्त इंडस्ट्री बनाने में पूरा देश खड़ा है क्योंकि हमारे बच्चे तड़क भड़क से प्रभावित होकर फिल्म लाइन में जाते हैं लेकिन यदि ड्रग्स का शिकार होकर सुशांत सिंह राजपूत की तरह आत्महत्या की ओर धकेला जाए तो परिवार पर आजीवन रोने के अलावा क्या बचेगा।

राष्ट्रीय संयोजक नशा मुक्त युवा भारत अभियान कुलदीप सिंह परमार एडवोकेट ने कहा कि ड्रग्स के सेवनकरता अब हम सभी के पड़ोस में मिलने लगे हैं दुखद पहलू यह है कि इनके इलाज की कोई व्यवस्था शासन व प्रशासन के पास भी नहीं है इसीलिए हर बच्चे को नशे से बचाना हमें राष्ट्रधर्म बनाना होगा।

प्रदेश संयोजक ओम नारायण त्रिपाठी ने जोर देकर कहा कि हम इसकी शुरुआत अपने सोशल मीडिया के माध्यम से अभी से कर सकते हैं याद रखो अभी प्रहार ना किया तो कल आएगा ही नहीं।संगोष्ठी का संचालन आलोक मेहरोत्रा व धन्यवाद मानव चिंतक राकेश चौरसिया ने दिया।अन्य प्रमुख विचारक सर्वश्री महंत राम अवतार दास,अनिल सैनी एडवोकेट,राम सुख यादव,स्वामी गीता इत्यादि थी।

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