बाबासाहेब आंबेडकर के संकल्प दिवस पर आओ मिलकर जाति तोड़ो भारत जोड़ो संकल्प को साकार बनाएं..सविता मौर्या

संकल्प दिन यानी संकल्प भूमि

जब बाबा साहेब अम्बेडकर बड़ौदा मे थे। उन्हें बहुत ही अपमान सहना पड़ा, सिर्फ जाति की वजह से क्यूंकि वे महार थे इस वर्ण-व्यवस्था ने बाबा साहेब को बहुत ही अपमानित किया। बाबा साहब को रहने के लिए मकान भी नही दिया गया था। वहां के चपरासी भी बाबा साहेब को फाईल फेक कर दिया करते थे। पानी पीने का मटका भी अलग रख जाता था। ताकि बाबा साहेब उनके पानी को पी सकें। ओर बाबा साहेब जब लायब्रेरी मे पढ़ने के लिए आते थे। तो उसके बाद लायब्रेरी में गौ मुत्र छिड़क दिया करते थे। रहने के लिए बाबासाहेब को कोई मकान तक किराये पर नही मिला। तब बाबा साहेब को विवश होकर एक पारसियों के धर्मशाला में झूठ बोलकर रहना पड़ा। कि वे ईसाई हैं लेकिन एक दिन उन्होंने बाबा साहेब के गले में ईसाईयों का लॉकेट न देखकर बाबा साहेब को घर से निकाल दिया। और उनका सामान भी फेंक दिया। इतना अपमान सहने के बाद बाबा साहब ने सोचा कि मै इतना पढ़ा लिखा होने के बावजूद भी मुझे इतना अपमान सहन करना पड़ रहा है। तो मेरा समाज तो अनपढ़ है तो उनका क्या होगा, उसी समय बाबा साहब ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और हमारे लिए एक संकल्प लिया कि मैं मेरे समाज को इस गुलामी से आजाद ना कर दूं तब तक मे नौकरी नही करूंगा।

अगर इस काम मे असफल रहा तो मै खूद को गोली मार लूंगा।

23 सितंबर 1917 हमे भूलना नही चाहिए अगर बाबा साहेब ने हमारे लिए संकल्प नही लिया होता। तो सोंचो हमारा क्या होता आज हमारी समाज के लोग सूट बूट में हैं रेलवे मे जाने के लिए रिजर्वेशन है फ्लाईट मे सफर करते है घर के आगे गाड़ी है अच्छा बंगला है अच्छी नौकरियां है किस की वजह से सिर्फ और सिर्फ डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी के वजह से, दोस्तो अगर बाबा साहेब ने हमारे लिए संकल्प नही लिया होता तो ना हमारा कोई अस्तित्व होता, ना कोई वजूद होता। आज हम सब बाबा साहब की वजह से इस भारत देश मे जिन्दा हैं और आजाद है आबाद है एक इंसान ने करोड़ों लोगों का सपना पूरा किया। लेकिन करोड़ों मिलकर भी उस इन्सान का सपना पूरा नही कर पाये। सोंचने वाली बात है क्यूंकि हमारा समाज अभी अंधविश्वास व गुलामी में व्यस्त है। बाबा साहेब हम सब शर्मिंदा है क्योंकि हम सब मिलकर भी आपका सपना पूरा नही कर पाये,क्यूंकि हम लोग हमारे परिवार में व्यस्त है।जाति तोडो नफरत छोड़ो देश जोड़ो सर्व समाज का संकल्प बने,मैं सविता मौर्या जनपद रायबरेली के दीन शाह गौरा क्षेत्र के ब्लाक प्रमुख आप सबसे नम्र अनुरोध करती हूं कि बाबा साहब के सपनों को साकार करने में प्राण प्रण से जुटे।

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