स्वरूप नगर क्षेत्र को हुक्का बार बनाया फिर भी कोई समझ ना पाया

कानपुर, 25 मार्च जिले में इन दिनों जगमगाते हुक्का बार की बाढ़ सी आ गई है और इनको रोकने वाला कोई नहीं है। कई बड़े नेताओं, एवं अन्‍य दबंग लोगों के संरक्षण में कई हुक्का बार कानपुर में चल रहे हैं पर उनके खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्‍मत किसी में नहीं है। ताजा मामला स्‍वरूप नगर थानाक्षेत्र का है जहां बिना लाइसेंस अवैध तरीके से हुक्का बार संचालित किया जा रहा है और जिम्‍मेदार कान में तेल डाले बैठे हैं। इन हुक्का बार संचालकों के खिलाफ निकोटिन प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई करने के बजाये कई तथाकथित जिम्‍मेदार यहां की ‘सेवाओं और सुविधाओं’ का नि:शुल्‍क लाभ उठाते अक्‍सर देखे जा सकते हैं। 

बताते चलें कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दिनांक 01 अगस्त 2011 को अधिसूचित खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध एवं सीमाएं) विनियमन, 2011 के तहत तम्बाकू अथवा निकोटिन की मात्रा वाले गुटखा एवं हुक्‍का जैसे खाद्य उत्पादों के उत्पादन, बिक्री, भण्डारण और वितरण को प्रतिबंधित किया गया है। बावजूद इसके कई जगहों पर रेस्‍टोरेन्‍ट की आड़ में बिना लाइसेंस अवैध तरीके से हुक्का बार चलाये जा रहे हैं।

स्‍वरूप नगर स्थित ट्री हाउस कैफे में कुछ लोग अवैध रूप से हुक्का बार चला रहे थे यहां युवक-युवतियां आकर हुक्का पी रहे थे और नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। सूचना पर स्वरूप नगर पुलिस ने यहां छापा मार कर हुक्का सेवन सम्‍बंधी सामान बरामद किया एवं कैफे संचालक उज्जवल पर 8000 रूपये का जुर्माना भी लगाया। लेकिन इलाकाई लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बड़े एवं साधन सम्‍पन्‍न हुक्‍का बार संचालक ऑफलाइन कैफे को बचाने के लिये छोटे के खिलाफ कार्यवाही करके मात्र खानापूरी की है।  

 सूत्र बताते हैं कि रेस्टोरेंट्स और कैफे को हुक्का बार का लाइसेंस नहीं मिलता है इसीलिए ये लोग सिस्‍टम को मैनेज कर के अवैद्य हुक्का बार चलाते हैं। यहां पहुंचने वाले युवाओं को हुक्का, गांजा, ड्रग्स सब कुछ मिलता है। स्‍थानीय स्‍तर पर सेटिंग की दम पर यहां शराब के साथ शबाब भी उपलब्‍ध है। शाम ढलते ही यहां आसपास नशेबाजों की आवाजाही के चलते काफी अराजकता का माहौल बन जाता है। कैफे में पार्किंग की व्‍यवस्‍था भी नहीं है और आये दिन कैफे के सामने जाम की स्थिति बनी रहती है। परन्‍तु सफेदपोशों का संरक्षण होने के कारण सब जिम्‍मेदार चुपचाप बैठ कर तमाशा देखते हैं।

बताते चलें कि उत्‍तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा बीती 05 सितंबर, 2020 को जारी किए गए आदेशों के अनुसार कोविड संक्रमण को रोकने के लिए उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका में दिए गए आदेशों के अनुपालन में तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश के सभी हुक्का बार प्रतिबंधित कर दिए गये हैं। इस मामले में क्षेत्राधिकारी स्वरूप नगर महेंद्र सिंह देव ने बताया कि मेरे संज्ञान में मामला आया है मैं बहुत जल्दी ही जितने भी सर्किल में हुक्का बार अवैध बार संचालित हो रहे हैं उन पर कार्रवाई करता हूं।

सूरज वर्मा ( संवाददाता )

Professional writers are able to catch many mistakes before anyone

It needs to be something which

You need to make sure the writer is professional enough to compose the document

While experiments might not always be

You could also

Keep https://www.globenewswire.com/news-release/2021/03/22/2196550/0/en/6-Best-Essay-Writing-Services-USA-Students-Love-Review-by-Mitchell-Natalie-Mae.html this in mind and constantly trust the term of your own provider.

apply these tools to assist you polish your essay even more.

the simplest tasks in academics, they’re not the very daunting either.

with proper grammar and spelling.

will stand out from them as you proceed through your study.

else can.

Share This:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *