प्रेम प्रसंग,नशाखोरी व परीक्षा में असफलता आत्महत्या में बना बड़ा कारण…ज्योति बाबा

कानपुर, 4 अगस्त आधुनिक खुलेपन के आसमान में युवाओं को मिली आजादी उन्हें आत्महत्या की कगार में भी पहुंचा रही है राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो की 2017-19 की रिपोर्ट पर गौर करें तो 14 से 18 वर्ष के बीच आयु वर्ग के 24568 बच्चों ने प्रेम प्रसंग व परीक्षा में असफलता के चलते आत्महत्या कर ली,यह हाल ही में सरकार द्वारा संसद में पेश आंकड़े की भयावह तस्वीर उजागर करती है उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया व राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के संयुक्त तत्वाधान में नशा हटाओ कोरोना मिटाओ हरियाली बढ़ाओ बच्चों को आत्महत्या से बचाओ अभियान के तहत आयोजित संगोष्ठी शीर्षक देश में बढ़ती युवा आत्महत्या कारण और निवारण पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही।

ज्योति बाबा जी ने आगे बताया कि युवा आज मोबाइल मेनिया का शिकार बनकर खेलकूद की गतिविधि से दूर हो चुका है परिणाम स्वरूप नशाखोरी,प्रेम रोग व प्रदूषण के कॉकटेल से बीमार बनकर आत्महत्या में प्रवती हो रहा है जो उम्र पढ़ने खेलने की होती है उस उम्र में मोबाइल ज्ञान के चलते प्रेम रोग व नशाखोरी करने से एकाकीपन का शिकार होकर अपनी जिंदगी का दुश्मन बन बैठा है इससे लड़के और लड़कियां समान रूप से शिकार बन कर आत्महत्या को गले लगा रहे हैं।

आज किशोर बच्चे प्रेम में असफल होने के चलते हम उनके आत्महत्या की खबर को अखबारों और चैनलों में भी देखते हैं तो उनके समय से पहले दिमागी रूप से जवान होने का भी पता चल जाता है ज्योति बाबा ने बताया कि युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति रोकने के लिए बच्चों को प्रारंभिक स्तर से संवेगात्मक व भावनात्मक रूप से मजबूती प्रदान करने की संस्कारित शिक्षा व खेल के माध्यम से देकर उन्हें आत्मविश्वास व दृढ़ निश्चई बना सकते हैं राष्ट्रीय संरक्षक डॉ आर.पी भसीन ने कहा कि भारत युवाओं का देश है यह हमारी शिक्षा तंत्र व सामाजिक जीवन की हार है कि इतनी बड़ी संख्या में किशोर युवा प्रेम व परीक्षा में असफल होने पर आत्महत्या को अंतिम जीत मान रहा है हम सभी को मिलकर उन्हें हेल्थी वातावरण देना होगा।

जिसमें उनका सर्वांगीण विकास हो सके, राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी महिला शाखा प्रदेश अध्यक्ष नीतू शर्मा ने कहा कि जिन परिवारों की युवा बेटियां प्रेम प्यार में पड़कर या प्रतियोगी परीक्षा में पिछड़ने पर आत्महत्या कर लेती हैं उन परिवारों को पूरे जीवन समाज में कलंक के रूप में देखा जाता है इसीलिए योगी जी के मिशन शक्ति के द्वारा हमें अपनी बेटियों को सशक्त बनाने का काम निरंतर करना होगा।

राष्ट्रीय समन्वयक हरदीप सिंह सहगल व आरटीआई एक्टिविस्ट रवि शुक्ला ने कहा कि पाश्चात्य चकाचौंध से प्रेरित व पेरेंट्स का बच्चे से क्षमता से ज्यादा अपेक्षा भी अक्सर आत्महत्या का कारण बन जाती है,संगोष्ठी का संचालन हर्षवर्धन त्रिवेदी व धन्यवाद समाजसेवी दीपक सोनकर ने दिया,अंत में सभी को बच्चों को स्वस्थ वातावरण दिलाने हेतु प्रयास करने कि ई-शपथ योग गुरु ज्योति बाबा ने दिलाई,अन्य प्रमुख प्रीति सोनी मंडल अध्यक्ष,रोहित कुमार श्री नारायण मिश्रा योगी,नवीन गुप्ता मानवाधिकारवादी गीता पाल, सिंगर यशस्वी बाजपेई,संगीता तिवारी,अनिल सिंह चंदेल,प्रदीप केडिया, निर्मला राठौर,संगीता,दीक्षित दीप्तिअवस्थी,विनीता सिंह, हर्ष सोनी,संगीता गुप्ता,नीतू गुप्ता इत्यादि थी।

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