पानी और जवानी को बचाने के लिए हर दिन पर्यावरण दिवस मनाए..ज्योति बाबा

कानपुर, 9 जून पानी और जवानी को बचाने के लिए हमें हर दिन पर्यावरण दिवस मनाना होगा,क्योंकि वनाच्छादित क्षेत्र बहुत कम होने से धरती में भूजल का स्तर काफी नीचे चला गया है और अशुद्ध हवा के चलते युवाओं के लम्स काफी कमजोर होकर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को खो रहे हैं इसीलिए कोरोना महामारी आने पर बहुत बड़ी संख्या में लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है साथ ही पोस्ट कोरोना इफेक्ट के चलते कई नई बीमारियों का शिकार भी बनना पड़ रहा है।

एक व्यक्ति 45 सेकंड तक अपनी सांसे रोक सकता है और जीवित रहने के लिए 1 दिन में लगभग 550 लीटर शुद्ध ऑक्सीजन लेता है जबकि एक सामान्य पेड़ 1 दिन में 230 लीटर ऑक्सीजन देता है उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में उत्तर प्रदेश वैश्य व्यापारी महासभा,वंचित समाज अनुसूचित जाति कल्याण महासमिति व संत रविदास सेवा समिति के सहयोग से कोरोना गाइडलाइंस के तहत नशा हटाओ कोरोना मिटाओ हरियाली लाओ जीवन पाओ अभियान के तहत आयोजित परिस्थितिकी तंत्र संरक्षण हेतु सर्वधर्म प्रार्थना के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही।

बाबा ने बताया की बंजर होती जमीन के चलते लोगों में अवसाद,नशा व बेरोजगारी का जन्म परिणाम स्वरूप लोग बड़ी संख्या में आत्महत्या तक कर रहे हैं जब कि हमने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच ऑक्सीजन की समस्या से गंभीरतम स्तर तक लोगों को जूझते देखा,ज्योति बाबा ने जोर देकर कहा कि मानव जीवन के अस्तित्व पर मंडराते संकटों का एक ही समाधान है हरियाली!

नीम के पेड़ों की श्रंखला खड़ी करें इस पेड़ को एक एवरग्रीन पेड़ कहा जाता है और पर्यावरणविदों की माने तो यह एक नेचुरल प्यूरीफायर व औषधिदायक है नरेंद्र मोदी सरकार ने पर्यावरण सुरक्षा हेतु ऐतिहासिक फैसला किया है कि 2030 तक होने वाले कुल इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन में 40 फ़ीसदी हिस्सा कार्बन रहित ईंधन से होगा,प्रदेश की जनता के हित में योगी जी ने एक कदम आगे बढ़कर हरित विकास,जलवायु परिवर्तन राज्य कार्य योजना को पूरा करने हेतु कमर कस ली है।पर्यावरण प्रेमी रोहित कुमार ने कहा कि पेड़ पौधों को संरक्षित करने का मंत्र सभी बच्चों को शुरुआती स्तर से अनिवार्य रूप से दिया जाए।रविशंकर हवेलकर सदस्य प्रदेश शासन समिति ने कहा कि पेड़ पौधे ना सिर्फ जीवन देते हैं बल्कि जहरीली गैसों को सोखने का काम भी करते हैं।

मानवाधिकारवादी गीता पाल ने कहा कि स्वस्थ वातावरण हर बच्चे का जन्मसिद्ध संवैधानिक अधिकार है जो सरकारों को हर कीमत पर देना ही होगा।डॉक्टर धीरेंद्र कुमार दोहरे ने कहा कि समय आ गया है जब सबको एक भारतीयता के भावों से भरकर न सिर्फ पेड़ों को लगाना है बल्कि लगे पेड़ों को संरक्षित भी करना है।स्वास्थ्य प्रेमी काली शंकर मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए प्रकृति को हमें देनी होगी हरियाली !अंत में सभी को पौधों को साक्षी मानकर महाशपथ योग गुरु ज्योति बाबा ने दिलायी।अन्य प्रमुख डॉक्टर आर पी भसीन,डॉक्टर रविंद्र नाथ चौरसिया,सत्यप्रकाश गुलहरे,गणेश गुप्ता,विजय कुशवाहा,विमल माधव,अनीता दुआ,लक्ष्य संस्था इत्यादि थी।

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