मूर्त‌ि का रहस्यः धन चाह‌िए या सुख शांत‌ि जैसे जरुरत वैसी बुद्ध की मूर्त‌‌ि घर लाएं

कभी बुद्ध हाथ ऊपर उठाते हैं तो कभी नीचे रखते हैं, क्या आप जानते हैं बुद्ध की मुद्राओं का रहस्य। नहीं, तो यहां क्लिक करें।

इस अवस्था में बुद्ध ने दाहिने हाथ से धरती को छुआ है और बाएं हाथ की उंगलियां गोद में आराम मुद्रा में हैं। इस मुद्रा से बुद्ध सांसारिक इच्छाओं को त्यागने का संदेश दे रहे हैं।

दोनों हाथों को गोद में रखकर बुद्ध ध्यान की मुद्रा में बैठे हैं। इस अवस्था में बुद्ध आत्म साक्षात्कार करने का संदेश दे रहे हैं।

बुद्ध खड़े हैं, दाहिना हाथ नीचे की ओर है, हथेलियां खुली हैं और उंगलियां फैली हुई हैं। इस मुद्रा में बुद्ध दान देने और लेने का संदेश दे रहे हैं।

बुद्ध हाथ के अंगूठे और तर्जनी उंगली से ऐसी मुद्रा बनाते हैं, जिससे लोगों को शांति बनाए रखने का बोध हो।

इस मुद्रा में बुद्ध खड़े या बैठे होते हैं। एक हाथ आशीर्वीद मुद्रा में होता है तो दूसरी हथेली भी सामने की तरफ खुली होती है। उंगलियां फैली होती हैं। इस मुद्रा से बुद्ध निर्भीक होने का संदेश देते हैं।

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