जान‌िए क्यों, गुरुवार के द‌िन बाल कटवाना और बाल धोना नहीं च‌ाह‌िए

गुरुवार के द‌िन को लेकर ऐसी मान्यता है क‌ि इस द‌िन न तो साबुन लगना चाह‌िए और न बाल धोना चाह‌िए। इस द‌िन बाल कटवाना भी अशुभ फलदायी माना जाता है। इसके पीछे यह 5 कारण बताए जाते हैं।

ज्योत‌िषशास्‍त्र की दृष्ट‌ि से ऐसा माना जाता है क‌ि गुरुवार का द‌िन देव गुरु बृहस्पत‌ि का द‌‌िन है। बृहस्पत‌ि ज्ञान, धन, संतान एवं पार‌‌िवार‌िक सुख का कारक हैं। इस द‌िन बाल कटवाने से गुरु कमजोर होता है और गुरु से संबंध‌ित चीजों में कमी आती है।

धार्म‌िक दृष्ट‌ि से ऐसा माना जाता है क‌ि गुरुवार का द‌िन भगवान व‌िष्‍णु और देवी लक्ष्मी से भी प्रभाव‌ित है। मान्यता है क‌ि इस द‌िन बाल कटवाने और धोने से धन संबंध‌ी परेशानी आती है।

कुंवारी कन्या और पुरुष के ल‌िए इस द‌िन बाल धोना और कटवाना ज्योत‌िष की दृष्‍ट‌ि से व‌िवाह में बाधक माना जाता है। सुहागन स्‍त्र‌ियों के ल‌िए इस द‌िन बाल धोना उनके सुहाग के ल‌िए अच्छा नहीं माना जाता है।

गुरुवार को बाट कटवाने के अलावा शेव‌िंग करवाना भी अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसी मान्यता है क‌ि इससे उम्र में कमी आती है। इसके पीछे कुछ वैज्ञान‌िक आधार भी बताए जाते हैं।

वैज्ञान‌िक दृष्ट‌ि से यह माना जाता है क‌ि शरीर का सबसे संवेदनशील भाग मस्त‌िष्क के अंदर ब्रह्मरंध्र है। इसकी सुरक्षा बालों से होती है। गुरुवार के द‌िन व‌िशेष प्रकार की क‌िरणें हमें प्रभाव‌ित करती हैं। बाल कटवाने से उस क‌िरण का प्रभाव ब्रह्मरंध्र पर होता है ज‌िससे आयु में कमी आती है। मंगलवार और शन‌िवार को बाल कटवाने को लेकर भी यही मान्यता है।

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